Philosophy Shayari Jokes

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  • Posted on 02/05/2018

    आता था जिसको देख़ के

    आता था जिसको देख़ के तस्वीर का ख़्याल
    अब तो वो कील भी मेरी दीवार में नहीं
    - Mohbsaqib Saqib



  • Posted on 04/02/2018

    खुशियों की चाह में

    *** Philosophy Shayari Jokes ***

    कोई खुशियों की चाह में रोया
    कोई दुखों की पनाह में रोया..
    अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का..
    कोई भरोसे के लिए रोया..
    कोई भरोसा कर के रोया..



  • Posted on 01/02/2018

    ज़िन्दगी की हकीकत

    ज़िन्दगी की हकीकत को बस इतना ही जाना है
    दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है



  • Posted on 04/02/2018

    तनहा तनहा रहता हूँ

    *** Philosophy Shayari Jokes ***

    तनहा-तनहा रहता हूँ
    दुनिया से मैं डरता हूँ

    हर सू हैं काँटे बिखरे
    डरता सा पग धरता हूँ

    गलती कोई कब की है
    लेकिन कारा सहता हूँ

    निर्दोषी हूँ मैं बिल्कुल
    सबसे कहता रहता हूँ

    मुंसिफ बिकते पैसों में
    पर मैं लब सी रखता हूँ

    जितना ही बचना चाहूँ
    उतने कोड़े सहता हूँ

    जाने क्या है बात ख़लिश
    ज़ल्द न फिर भी मरता हूँ.



  • Posted on 08/01/2018

    बदल जाओ

    बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक्त बदलना सीखो,
    मजबूरियों को मत कोसो, हर हाल में चलना सीखो...
    - Tahir Ashraf