Whatsapp Jokes

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  • Posted on 01/04/2019

    सुन्दर सुर सजाने को

    शिक्षक….

    सुन्दर सुर सजाने को साज बनाता हूँ ।
    नौ सिखिये परिंदों को बाज बनाता हूँ ।।

    चुपचाप सुनता हूँ शिकायतें सबकी ।
    तब दुनिया बदलने की आवाज बनाता हूँ।।

    समंदर तो परखता है हौंसले कश्तियों के ।
    और मैं डूबती कश्तियों को जहाज बनाता हूँ ।।

    बनाए चाहे चांद पे कोई बुर्ज ए खलीफा ।
    अरे मैं तो कच्ची ईंटों से ही ताज बनाता हूँ ।

    💐Happy Teacher day💐



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  • Posted on 19/03/2019

    सुना है वो अपनी

    *** Whatsapp Jokes ***

    सुना है वो अपनी नकली पहचान लिए फिरते है...
    इंसान के भेष में वो शैतान लिये फिरते है !

    हम क्या किसी को पहचानेगे.....
    हम तो खुद ही पीठ पे वार लिये फिरते है !

    सुना है बिक गया है वो शख्स थोड़े से लालच में...
    जो अक्सर कहा करता था महफिल में सुनों हम ईमान लिये फिरते है !

    चलो चलते है किसी पेड़ पर लटकने...
    हम अपने साथ किसान लिये फिरते है !

    खुशी तो कभी देखी ही नही हमने...
    हम तो बस गमों की शाम लिये फिरते है !

    और सुनो जो कहता है कि ना मैं तुम्हारा मददगार हूं...
    वो ही असल में दोगले किरदार लिये फिरते है !

    बुरा नही किया कभी किसी का कस़म से...
    तभी तो बुजुर्गो की दुआये लिये फिरते है !

    और देखो कभी छोड़ना नही मुझे दोस्तो..
    कुछ नही है हम तुम्हारे सिवा...
    हम तो बस तुम्हारी ही पहचान लिये फिरते है...!!!...

    - मगन



  • Posted on 25/02/2019

    हृदय में छाने लगा

    हृदय में छाने लगा उमंग प्रिये,

    तूने डाला मधुरिम रंग प्रिये।

    कान्हा ने जब किया हुडदंग प्रिये।

    राधा निकली गोपियों के संग प्रिये।।

    फिर हुई रंगों की बौछार प्रचंड प्रिये।

    प्रीत का छलका फागुनी संग प्रिये।।

    हर क्षण उल्लासित मुखारविंद प्रिये।

    तेरे संग होली का बजे मृदंग प्रिये।

    जीवन में बस जाए आनंद प्रिये।

    छू न पाए कभी विरहिण रंग प्रिये।।

    - Shanaya choudhary



  • Posted on 24/12/2018

    खूबसूरत जुल्फों में

    *** Whatsapp Jokes ***

    उनकी खूबसूरत जुल्फों में कैद है हम,
    रिहाई नहीं चाहिए।
    उनके दिल के करीब है हम ,
    जुदाई नहीं चाहिए।
    मौत भी आए तो
    मोड़ देंगे रास्ता उसका।
    उनकी जिंदगी पर अब.....
    किसी और का इख्तियार नहीं चाहिए।।



  • Posted on 24/12/2018

    हर एक रस्ता

    हर एक रस्ता अंधेरो में घिरा है
    मुहब्बत एक ज़रुरी हादसा है

    गरजती आंधियां ज़ाया हुई हैं
    ज़मीं पर टूट कर आंसू गिरा है

    निकल आए किधर मंज़िल की धुन में
    यहां तो रास्ता ही रास्ता है

    तुम्हारा तजर्बा शायद अलग हो
    मुझे तो इल्म ने भटका दिया है

    - निदा फाजली