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टीस देकर जारहे हो

टीस देकर जारहे हो

अब नहीं लौटोगे तुम

याद आओगे बहुत

मीत मेरे अलविदा ॥

अब न हम लड़ पायेंगे

न प्यार ही कर पायेंगे

शून्य यह जीवन हुआ

मीत मेरे अलविदा ॥

वो बहारे वो नजारे

वो सितारे चांदनी

अब नहीं वह सुबह होगी

मीत मेरे अलविदा ॥

प्रेम का घर क्यों बनाया

जब तुम्हें रहना न था

अब कटेगी कैसे रातें

मीत मेरे अलविदा ॥

हम तुम्हारे तुम हमारे

कह नहीं पाये कभी

रह गयी बाते अधूरी

मीत मेरे अलविदा ॥

– Kaushal

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Written by Taureano Ent

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भरोसा ना करना