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मेरी शराफत को उसने

मेरी शराफत को उसने धोखा समझा।

मजबूरी को मेरी,उसने मौका समझा।

भूल मुझसे ही हुई , उसे समझने में,

छलिया मगरमच्छ को नौका समझा।

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Written by Taureano Ent

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भरोसा ना करना