in

रौशनी के लिए

रौशनी के लिए शमा तो जला लिया महफ़िल में,

कुछ पता भी है के दर्द जलने का होता क्या है.

– नज़ीर मलिक

What do you think?

129 Points
Upvote Downvote

Written by Taureano Ent

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भरोसा ना करना