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Main Tere Layak Nahi Shayari – Main Tere Kabil Nahi Shayari | Unclejokes

ये मत समझ

ये मत समझ कि तेरे काबिल नहीं हैं हम,
तड़प रहे हैं वो जिसे हासिल नहीं हैं हम।

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उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको

खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको

हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं,

देनेवाला हज़ार खुशिया दे आपको!

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ये बात नहीं की मै तेरे लायक नहीं.

बस तू एक नशा है जो मेरे मजहब में जायज नहीं

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माना सौ फ़ीसदी नहीं हूँ मैं

बूंद हूँ बस नदी नहीं हूँ मैं

रोज़ एहसास कराता क्यूँ है

तेरे लायक अभी नहीं हूँ मैं

मेरी मजबूरियों का लिहाज़ रखो

बेवफा कुदरती नहीं हूँ मैं

मुस्कराहट हूँ बस मैं चेहरे की

होंठ वाली हंसी नहीं हूँ मैं

धूप है तेज़ तुमको क्या दूंगा

पेड़ भी बरगदी नहीं हूँ मैं

तू मुझे नाम से पहचानता है

यही बहुत है, अजनबी नहीं हूँ मैं

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हर किसी से नही मिलता हमारा मिजाजे दिल

कुछ के हम लायक नही,कुछ हमारे काबिल नही

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Written by bvbt3

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