Mausam Shayari in Hindi - मौसम शायरी - मौसम पर शायरी

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  • Posted on 07/06/2018

    मौसमें बरसात

    मौसमें बरसात के मानिंद तुम आते हो यार
    या जम के बरसते हो, या अश्क़ बरसाते हो यार



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  • Posted on 07/06/2018

    घटा देख कर

    *** mausam shayari ***

    घटा देख कर ख़ुश हुईं लड़कियाँ
    छतों पर खिले फूल बरसात के



  • Posted on 17/07/2018

    मौसम कितना खुश गंवार

    आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया
    खत्म सभी का इंतज़ार हो गया
    बारिश की बूंदे गिरी कुछ इस तरह से
    लगा जैसे आसमान को ज़मीन से प्यार हो गया...

    कल तक उड़ती थी चेहरे पर
    आज पैरों से लिपट गयी
    चन्द बूँदें क्या बरसीं बरसात की
    धूल की फ़ितरत ही बदल गयी

    स्वागत मानसून



  • Posted on 17/07/2018

    सुना है

    *** mausam shayari ***

    सुना है बहुत बारिश हुई तेरे शहर में...
    ज्यादा भीगना मत..
    धुल गयी गर सारी गलतफहमियां
    तो बहुत याद आएंगे हम



  • Posted on 18/07/2018

    गर इतने ही गिले

    गर इतने ही गिले हैं ऊपरवाले से,
    तो ख़ुद-ब-ख़ुद क्यूँ नहीं मौसम बदल लेते।
    यूँ तो बादल भी चलते हैं अपने नियमो से,
    फिर क्यूँ नहीं तुम अपना रवैया बदल लेते