Santa Hindi Jokes

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  • Posted on 22/11/2016

    Admin चुटकुला

    Admin जलेबी बेच रहा था लेकिन बोल रहा था ‘आलू ले लो आलू...!’ संता : पर यह तो जलेबी है. Admin : चुप हो जा, वर्ना मक्खियां आ जाएंगी.



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  • Posted on 22/11/2016

    संता की आखौ का इलाज

    *** Santa Hindi Jokes ***

    संता: डाक्टर साहब मैं चश्मा लगाकर पढ़ तो सकूंगा न? डाक्टर: हाँ हाँ बिल्कुल। संता: थैन्क यू डाक्टर साहब आपने अनपढ़ आदमी की जिंदगी बना दी।



  • Posted on 22/11/2016

    संता कीेे चोट

    संता कोेे चोट लग गई Dr. ने कहा टांके लगाने पड़ेंगे संता राजी हो गया। टांके लगाने के बाद Dr. बोला- बिल हुआ 9000. सांता "टांके लगाये है या कश्मीरी कढ़ाई की है ??



  • Posted on 22/11/2016

    कार्बन पेपर से ठुकाई!

    *** Santa Hindi Jokes ***

    एक बार एक अंग्रेज बीच पे नंगा हो कर उल्टा लेटा था। तभी वहाँ से एक नीग्रो गुज़रा तो अंग्रेज की गां* देख कर नीग्रो का लं* खड़ा हो गया। नीग्रो से सोचा कि क्यों ना अंग्रेज की गां* मारी जाये। यह सोच कर नीग्रो ने अंग्रेज की गां* में अपना लं* डाला और उसे चो*ना शुरू कर दिया। जब नीग्रो पूरे जोश में अंग्रेज की गां* मार रहा था तभी वहाँ दूसरा अंग्रेज आ गया। उसने नीग्रो को अंग्रेज की गां* मारते देखा तो उसे अपनी जात की बेइज्जती महसूस हुई। इसलिए उस अंग्रेज ने अपना लं* नीग्रो की गां* में डाला और उसे चो*ना शुरू कर दिया। अब गोरे के ऊपर काला और काले के ऊपर गोरा। इतने में वहाँ संता भी आ पहुंचा, और वहाँ का नजारा देख कर हैरान हो गया और बोला, "इनकी माँ का भो*ड़ा, बहनचो* गां* तो हमने भी बहूत मारी पर साला कार्बन पेपर लगा कर कभी नहीं मारी।"



  • Posted on 22/11/2016

    अब पछताये क्या होत जब चिड़िया चुग गयी खेत!

    संता के सिर पर चोट लग गयी तो वो डॉक्टर के पास पट्टी बंधवाने गया। डॉक्टर ने सिर पर पट्टी बांध दी और पूछा कि चोट कैसे लगी?
    संता: छोड़ो डॉक्टर साहब लंबी कहानी है।
    डॉक्टर: मैं फिर भी सुनना चाहता हूँ।
    संता: बात यह है कि पिछले हफ्ते पत्नी मायके गई हुई थी। मैं भी हवा बदलने रविवार को होटल में जा टिका। मेरे बगल के कमरे में एक खूबसूरत औरत थी। रात ग्यारह बजे उसने दरवाजा खटखटाया और माफी मांगते हुए कहा कि उसे ठंड लग रही है अगर मैं कुछ मदद कर सकूं तो वह आभारी रहेगी। मैंने एक कम्बल दे दिया। थोड़ी देर बाद वह फिर आ गई और वही शिकायत करने लगी। मैंने उसे अपना ओवरकोट दे दिया। आज जब मैं हथौड़ी से कील ठोंक रहा था तो अचानक मुझे समझ में आया कि उस दिन वह क्या चाह रही थी और बस, मैंने हथौड़ी अपने सिर पर दे मारी।