in

मै चाहता हूॅ

मै चाहता हूॅ

मै चाहता हूॅ कि दीपक जले, हवा न चले
मैं उस से प्यार करूॅ अौर उसे पता न चले
– Tanvir Gazi

What do you think?

129 Points
Upvote Downvote

Written by bvbt3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मायुस-ए-मोहब्बत

मायुस-ए-मोहब्बत

लो देख लो

लो देख लो