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हँसी जो तेरी

हँसी जो तेरी कातिल है इतनी ,

जायज़ है तेरा यूँ खुदपे इतराना ।

दिल थाम के बैठो अपना कही ऐसा ना हो ,

नाम हमारा ठहर जाए इन लबों पे रोजाना

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Written by Taureano Ent

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भरोसा ना करना