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हसरतें खामोश हैं

हसरतें खामोश हैं

 

हसरतें खामोश हैं ना बदनाम हो वाफा…
गज़लों को मेरी याद तुम युं आते तो बहुत हो
-Yamini

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Written by Taureano Ent

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हम समझदार भी इतने हैं

हम समझदार भी इतने हैं

अकल बादाम खाने से

अकल बादाम खाने से नही, धोका खाने से बड़ती है