गलती पर शायरी - गलती शायरी - Galti Shayari 2 Lines

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  • Posted on 14/11/2017
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    शीशा अौर रिशता दोनों हि बङे नाज़ुक होते हैं
    दोनों में सिर्फ एक ही फर्क है,
    शीशा गलती से टूट जाता है
    अौर रिशता गलतफहमियों से

  • Username Admin

    See Also :- Papa Teacher Jokes Part 3

  • Posted on 11/12/2017
    Username Admin

    *** गलती पर शायरी ***

    अगर लगता है तुम्हें, गलत हूॅ मैं
    तो सही हो तुम, थोङा अलग हूॅ मैं

  • Posted on 11/12/2017
    Username Admin

    गलती निकालने के लिए भेजा चाहिए
    अौर गलती मानने के लिए कलेजा चाहिए

  • Posted on 22/01/2018

    अज्ञानी व्यक्ति

    *** गलती पर शायरी ***

    अज्ञानी व्यक्ति गलती छिपाकर बड़ा बनना चाहता है
    और
    ज्ञानी व्यक्ति गलती मिटाकर बड़ा बनना चाहता है।
    ?शुभप्रभात?



  • Posted on 04/02/2018

    तनहा तनहा रहता हूँ

    तनहा-तनहा रहता हूँ
    दुनिया से मैं डरता हूँ

    हर सू हैं काँटे बिखरे
    डरता सा पग धरता हूँ

    गलती कोई कब की है
    लेकिन कारा सहता हूँ

    निर्दोषी हूँ मैं बिल्कुल
    सबसे कहता रहता हूँ

    मुंसिफ बिकते पैसों में
    पर मैं लब सी रखता हूँ

    जितना ही बचना चाहूँ
    उतने कोड़े सहता हूँ

    जाने क्या है बात ख़लिश
    ज़ल्द न फिर भी मरता हूँ.