मतलबी लोग शायरी - Matlabi Shayari - मतलबी दोस्त शायरी - मतलबी दुनिया शायरी - Shayari On Matlabi Insan

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  • Posted on 12/12/2017

    मुझको क्या हक

    मुझको क्या हक, मैं किसी को मतलबी कहूँ..
    मैं खुद ही ख़ुदा को, मुसीबत में याद करता हूँ !



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  • Posted on 13/12/2017

    प्यासी ये निगाहें

    *** मतलबी लोग शायरी ***

    प्यासी ये निगाहें तरसती रहती है
    तेरी याद मे अक़्सर बरसती रहती है

    हम तेरे खयालों मे डूबे रहते है
    और ये ज़ालिम दुनियां हम पर हंसती रहती है



  • Posted on 15/12/2017

    सिखा दिया दुनिया ने

    सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पे भी शक करना
    मेरी फ़ितरत में तो था गैरों पे भरोसा करना



  • Posted on 15/12/2017

    कैसे करू भरोसा

    *** मतलबी लोग शायरी ***

    कैसे करू भरोसा गैरो के प्यार पर,
    अपने ही मजा लेते अपनो की हार पर



  • Posted on 16/12/2017

    तेरी रुस्वाई

    तेरी रुस्वाई से मुझे एक सबक मिला है
    दुश्मन भी इतना नहीं करता जितना
    तूने दोस्त बनके किया है।