विश्वास पर शायरी - भरोसा शायरी - Vishwas Shayari

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  • Posted on 11/12/2017
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    रख भरोसा खुद पर क्यो ढूॅढता है फरिश्ते
    पंछीअो के पास कहॉ होते है नक्शे फिर भी ढूॅढ लेते है रास्ते

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  • Posted on 11/12/2017
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    *** विश्वास पर शायरी ***

    वो अक़्लमंद कभी जोश में नहीं आता,
    गले तो मिलता है, आगोश में नहीं अाता
    - Farhat Ehsas

  • Posted on 12/12/2017

    विश्वास

    उम्मीदें तैरती रहती हैं,
    कश्तीयां डूब जाती है..
    कुछ घर सलामत रहते हैं,
    आँधियाँ जब भी आती है..
    बचा ले जो हर तूफां से,
    उसे "आस" कहते हैं...
    बड़ा मज़बूत है ये धागा
    जिसे "विश्वास" कहते है...!!



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  • Posted on 14/12/2017

    भरोसा क्या करना

    *** विश्वास पर शायरी ***

    भरोसा क्या करना गैरों पर,
    जब गिरना और चलना है अपने ही पैरों पर



  • Posted on 14/12/2017
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    अाज तक बहुत भरोसे टूटे
    मगर भरोसे की अादत नहीं छूटी..