Chand Shayari - चाँद शायरी - चाँद पर शायरी - Chand Shayari 2 Line

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  • Posted on 11/12/2017
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    मुहब्बत में सर झुका देना कोई बङी बात नहीं जनाब...
    चमकता सूरज भी ङूबा देता है खुद को चाँद की खातिर...

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    See Also :- Pati Patni Jokes - Part 1

  • Posted on 11/12/2017
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    *** chand shayari ***

    यह दुनिया बिल्कुल वैसी ही है जैसा आप देखना चाहते हैं
    चाहें तो कीचङ में कमल देख लो, चाहें देख लो चाँद पर दाग

  • Posted on 11/12/2017
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    पूरे की ख्वाहिश में ये इंसान बहुत कुछ खोता है
    भूल जाता है कि आधा चाँद भी खूबसूरत होता है

  • Posted on 11/12/2017
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    *** chand shayari ***

    एक बचपन का जमाना था,
    जिस में खुशियों का खज़ाना था,
    चाहत चाँद को पाने की थी,
    पर दिल तितली का दीवाना था,
    खबर ना थी कुछ सुबह की,
    ना शाम का ठिकाना था,
    थक कर आना स्कूल से,
    पर खेलने भी जाना था...
    मॉ की कहानी थी,
    परियों का फसाना था..
    बारिश में कागज़ की नाव थी,
    गर मौसम सुहाना था..

  • Posted on 11/12/2017
    Username Admin

    वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा
    किरदार ख़ुद उभर के कहानी में अाएगा
    - Iqbal Sajid