Family Shayari - परिवार शायरी - फैमिली शायरी - Pariwar Shayari

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  • Posted on 21/06/2018

    वो घर पे भूल आया

    वो घर पे भूल आया था कई फरमाइशें बाकी,
    बीमार बीवी की पर्ची बकाया फीस बिटिया की,
    महीना आधा बाकी था खाली था पूरा बटुआ,
    अभी तो पिछले महीनों की बकाया थी जो बनिया की,
    फटे जूतों रफू कपड़ों में जिंदगी गुजार लेता है,
    पिता परिवार पर अपनी खुशियां वार देता है।
    - राज



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  • Posted on 21/06/2018

    पिता पालन है

    *** family shayari ***

    पिता पालन है, पोषण है, परिवार का अनुशासन है
    पिता धौंस से चलने वाला प्रेम का प्रशासन है

    पिता रोटी है, कपड़ा है, मकान है
    पिता "छोटे" से परिंदे का "बड़ा" आसमान है



  • Posted on 13/08/2018

    एक माचिस की तिल्ली

    एक माचिस की तिल्ली,
    एक घी का लोटा,
    लकड़ियों के ढेर पे
    कुछ घण्टे में राख.....
    बस इतनी-सी है
    आदमी की औकात !!!!
    .
    एक बूढ़ा बाप शाम को मर गया ,
    अपनी सारी ज़िन्दगी ,
    परिवार के नाम कर गया।
    कहीं रोने की सुगबुगाहट ,
    तो कहीं फुसफुसाहट ,
    ....अरे जल्दी ले जाओ
    कौन रखेगा सारी रात...
    बस इतनी-सी है
    आदमी की औकात!!!!
    .
    मरने के बाद नीचे देखा ,
    नज़ारे नज़र आ रहे थे,
    मेरी मौत पे .....
    कुछ लोग ज़बरदस्त,
    तो कुछ ज़बरदस्ती
    रो रहे थे।
    नहीं रहा.. ........चला गया..........
    चार दिन करेंगे बात.........
    बस इतनी-सी है
    आदमी की औकात!!!!!
    .
    बेटा अच्छी तस्वीर बनवायेगा ,
    सामने अगरबत्ती जलायेगा ,
    खुश्बुदार फूलों की माला होगी ......
    अखबार में
    अश्रुपूरित श्रद्धांजली होगी.........
    बाद में उस तस्वीर पे ,
    जाले भी कौन करेगा साफ़...
    बस इतनी-सी है
    आदमी की औकात !!!!!!
    .
    जिन्दगी भर ,
    मेरा- मेरा- मेरा किया....
    अपने लिए कम ,
    अपनों के लिए ज्यादा जीया ...
    कोई न देगा साथ...जायेगा खाली हाथ....
    क्या तिनका
    ले जाने की भी
    है हमारी औकात ???
    ये है हमारी औकात



  • Posted on 31/10/2018

    मैने आँगन

    *** family shayari ***

    मैने आँगन लोगो ने दीवार बनाया,
    सबने दोस्त और मैने परिवार बनाया |
    ©आदेश



  • Posted on 31/10/2018

    परिवार और मिट्टी

    परिवार और मिट्टी का मटका दोनो एक जैसे ही होते है
    इसकी कीमत बस बनाने वाले को ही पता होती है तोड़ने वाले को नही