Insaniyat Shayari In Hindi - इंसानियत शायरी - इंसानियत पर शायरी - 2 Line Shayari On Insaniyat - Insaniyat Thought

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  • Posted on 11/12/2017
    Username Admin

    फफख कर रो पङी एक दूजे के हाल पर,
    मज़हब अौर इंसानियत की जब मुलाकात हुई

  • Username Admin

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  • Posted on 07/02/2018

    वतन के नाम

    *** insaniyat shayari ***

    ना जियो धर्म के नाम पर,
    ना मरो धर्म के नाम पर,
    इन्सानियत ही है धर्म वतन का,
    बस जियो वतन के नाम पर।



  • Posted on 12/10/2018

    भूख

    भूख सारी मर्यादाएं तोड़ देती है !
    और पैसा सारी इन्सानियत !!!



  • Posted on 12/10/2018

    हिन्दू मुसलमां

    *** insaniyat shayari ***

    हिन्दू- मुसलमां देखकर करते हैं मदद लोग...
    .
    इंसानियत से पहले हमारा धरम चले..!!
    .
    - महबूब आरिज़



  • Posted on 12/10/2018

    मौसम आज फिर

    मौसम आज फिर हसीन बन गया...
    जब एक इंसान में इंसानियत दिख गई..