Kaatil Shayari - कातिल शायरी - Katil Shayari - Qatil Shayari In Hindi

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  • Posted on 14/11/2017
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    ङरे क्यूं मेरा कातिल क्या रहेगा उसकी गर्दन पर वो खून,
    जो चश्म-ए-तर से उर्म भर यूॅ दम-ब-दम निकले

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    See Also :- Pati Patni Jokes - Part 1

  • Posted on 11/12/2017
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    *** kaatil shayari ***

    ये अलग बात है दिखाई न दे,
    मगर शामिल ज़रूर होता है,
    खुदकुशी करने वाले का भी,
    कोई न कोई कातिल जरूर होता है

  • Posted on 11/12/2017
    Username Admin

    कत्ल हुआ हमारा इस तरह किश्तों में
    कभी ख़जर बदल गए कभी कातिल बदल गए

  • Posted on 11/12/2017
    Username Admin

    *** kaatil shayari ***

    मेरे होने में किसी तौर से शामिल हो जाअो
    तुम मसीहा नहीं होते हो तो कातिल हो जाअो
    - Irfan Siddiqui

  • Posted on 14/03/2018

    हँसी जो तेरी

    हँसी जो तेरी कातिल है इतनी ,
    जायज़ है तेरा यूँ खुदपे इतराना ।
    दिल थाम के बैठो अपना कही ऐसा ना हो ,
    नाम हमारा ठहर जाए इन लबों पे रोजाना