Khwab Shayari In Hindi - ख्वाब शायरी - 2 Line Khwab Shayari

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  • Posted on 14/11/2017
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    बङा नाज़ था उनको अपने परदे पे फराज़
    कल रात वो ख्वाब में सर-ऐ-आम चले आये

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  • Posted on 14/11/2017
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    *** khwab shayari ***

    ए पलक तू बंद हो जा, ख्वाबों में उसकी सूरत तो नज़र आयेगी,
    इंतज़ार ले सुबह दोबारा शुरू होगा, कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी

  • Posted on 23/11/2017
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    जो खोया है उसका ग़म नहीं...
    जो पाया है वो किसी से कम नहीं
    जो नहीं है वो एक ख्वाब है...
    पर जो है वो लाजवाब है

  • Posted on 02/12/2017
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    *** khwab shayari ***

    बाहों में उनकी मेरे जो सिरहाने बन गये,
    ख्वाबों जो सर उठाने के बहाने बन गये

  • Posted on 11/12/2017
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    चादर से पैर तभी बाहर अाते है,
    उसूलो से बङे जब ख्वाब हो जाते है..