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Majburi Shayari – लाचारी शायरी – Majburi Status For Whatsapp | Unclejokes

कुछ अलग ही करना है

कुछ अलग ही करना है तो वफ़ा करो,
वरना मजबूरी का नाम लेकर बेवफाई तो सभी करते है

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बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक्त बदलना सीखो,

मजबूरियों को मत कोसो, हर हाल में चलना सीखो…

– Tahir Ashraf

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वो आखरी खत जो तुमने लिखा था

तेरे हर खत से कितना जुदा था

मजबूरियों का वास्ता देकर मुकर जाना तेरा

गुनहगार वो वक़्त था या खुदा था

बड़ी मुश्किल से समेटा था खुद को

वो पल भी मुश्किल बड़ा था

शिकायत करते भी तो किस से करते

जब अपना मुकद्दर ही जुदा था

जल रहे थे ख्वाब मिट रहे थे अरमान

तू लाचार और मेरा प्यार बेबस खडा था

मेरा दिल ही जनता है क्या गुजरी थी

जब आंसुओं में डूबा वो आखरी खत पढ़ा था

– नीतू ठाकुर

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अपनी वो मुलाकात कुछ अधुरी सी लगी,

पास होके भी थोडी दूरी सी लगी,

होठो पे हसी आंखो मे मजबूरी सी लगी,

ज़िन्दगी मे पहेली बार किसी की दोस्ती इतनी ज़रूरी लगी..

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नविश्ता था

नविश्ता था, जो हो गया, इसमें तेरी ख़ता नहीं..
चलो मान लेते हैं तू मजबूर था, बेवफा नहीं…
– Smita Wadkar

(नविश्ता – written)

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Written by bvbt3

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