Majburi Shayari - लाचारी शायरी - Majburi Status For Whatsapp - 2 Line Majboori Shayari - मजबूरी शायरी

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  • Posted on 03/12/2017
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    कुछ अलग ही करना है तो वफ़ा करो,
    वरना मजबूरी का नाम लेकर बेवफाई तो सभी करते है

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  • Posted on 08/01/2018

    बदल जाओ

    *** majburi shayari ***

    बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक्त बदलना सीखो,
    मजबूरियों को मत कोसो, हर हाल में चलना सीखो...
    - Tahir Ashraf



  • Posted on 01/02/2018

    वो आखरी खत

    वो आखरी खत जो तुमने लिखा था
    तेरे हर खत से कितना जुदा था
    मजबूरियों का वास्ता देकर मुकर जाना तेरा
    गुनहगार वो वक़्त था या खुदा था

    बड़ी मुश्किल से समेटा था खुद को
    वो पल भी मुश्किल बड़ा था
    शिकायत करते भी तो किस से करते
    जब अपना मुकद्दर ही जुदा था

    जल रहे थे ख्वाब मिट रहे थे अरमान
    तू लाचार और मेरा प्यार बेबस खडा था
    मेरा दिल ही जनता है क्या गुजरी थी
    जब आंसुओं में डूबा वो आखरी खत पढ़ा था

    - नीतू ठाकुर



  • Posted on 22/02/2018

    वो मुलाकात

    *** majburi shayari ***

    अपनी वो मुलाकात कुछ अधुरी सी लगी,
    पास होके भी थोडी दूरी सी लगी,
    होठो पे हसी आंखो मे मजबूरी सी लगी,
    ज़िन्दगी मे पहेली बार किसी की दोस्ती इतनी ज़रूरी लगी..



  • Posted on 02/04/2018
    Username Admin

    नविश्ता था, जो हो गया, इसमें तेरी ख़ता नहीं..
    चलो मान लेते हैं तू मजबूर था, बेवफा नहीं...
    - Smita Wadkar
    (नविश्ता - written)