Mausam Shayari in Hindi - मौसम शायरी - मौसम पर शायरी

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  • Posted on 16/02/2018

    तूफाँ से सीखा है

    यह तूफाँ से सीखा है या मौसम से,
    जो अपना तेवर रोज बदलता है...
    आदमी भी जमीर अपना गिरवी रखता है,
    तो पल-प्रतिपल नियत बदलता है...!!!
    सुप्रभात



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  • Posted on 25/02/2018

    हमने सोचा था

    *** mausam shayari ***

    हमने सोचा था ना बदलेंगे आप
    सनम आप भी दिल्ली का मौसम निकले
    - Archana



  • Posted on 25/02/2018

    रात बैठी थी

    रात बैठी थी आग के पास
    फिर याद आई वो शिमला की रात
    वो तेरे प्यार की गर्मी थी
    उस साल कहाँ सर्दी थी



  • Posted on 18/05/2018

    मुझे फ़ुरसत ही कहाँ

    *** mausam shayari ***

    मुझे फ़ुरसत ही कहाँ मौसम सुहाना देखूं
    मैं तेरी याद से निकलूं तो ज़माना देख.....
    - Kabira



  • Posted on 07/06/2018

    आँख भर आई

    आँख भर आई, किसी से जो मुलाक़ात हुई
    ख़ुश्क मौसम था मगर टूट के बरसात हुई