Musafir Shayari In Hindi - मुसाफिर शायरी

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  • Posted on 27/07/2018

    बदल लो

    हालात बदल सकते हो तो बदल लो।
    जज़्बात बदल सकते हो तो बदल लो।

    हम तो अंधेरों के मुसाफिर ठहरे।
    रात बदल सकते हो तो बदल लो।।

    किस किस को रोकें किस्सागोई से।
    ताल्लुकात बदल सकते हो तो बदल लो।।

    इश्क़ का वादा अब याद कहां है मुझको।
    वो बात बदल सकते हो तो बदल लो।।



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  • Posted on 24/09/2018

    मैं मुसाफिर हूँ

    *** musafir shayari ***

    मैं मुसाफिर हूँ, खताएं भी हुई हैं मुझ से,
    तुम तराज़ू में मेरे पांव के छाले रखना..!!⁠⁠⁠⁠



  • Posted on 24/09/2018

    मेरी मंजिल

    मेरी मंजिल से कह आओ
    मुसाफिर थक गया तेरा....



  • Posted on 24/09/2018

    हमें पता है

    *** musafir shayari ***

    हमें पता है ...तुम... कहीं और के मुसाफिर हो ...
    हमारा शहर तो.. बस यूँ ही...रास्ते में आया था ..



  • Posted on 24/09/2018

    मेरे पास

    आ थक के मेरे पास कभी बैठ ज़रा
    तू खुद को मुसाफिर और मुझे दीवार समझ ले