Sharabi Shayari - Sharab Shayari - Shayari On Sharab

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  • Posted on 11/12/2017
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    कुछ भी बचा न कहने को हर बात हो गई
    आअो कहीं शराब पिएॅ रात हो गई
    - Nida Fazli

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  • Posted on 03/05/2018

    होश ही न आये

    *** sharabi shayari ***

    होश ही न आये, हर पहर पीना पड़ता है
    जीने के लिए जिंदगी, जहर पीना पड़ता है

    खड़े खड़े,कहां चार पैसे कमा पाता हूं मै
    लेकर रिक्शा शबो रोज शहर पीना पड़ता है

    जिस्म उठाये कैसे जहन की उलझनों को
    नही है तमन्ना पीने की, खैर पीना पड़ता है

    - Ramawtar Varun



  • Posted on 03/05/2018

    निज़ाम ए मैकदा

    निज़ाम-ए-मैकदा बिगड़ा हुआ है इस कदर साकी,
    उसी को ज़ाम मिलता है जिसे पीना नहीं आता...!!
    - Neeraj



  • Posted on 03/05/2018

    ये जो शरबती शराब है

    *** sharabi shayari ***

    ये जो शरबती शराब है
    इसे पीना भी अजाब है..

    वैसे तो मैं संत बना बैठा हूं
    देखो मगर क्या हुस्न क्या शबाब है..

    पहले भी कई बार देख चुके होंगे
    इस बार देखो बेपर्दा वो बेनकाब है..

    - दानिश अली वारिस



  • Posted on 03/05/2018

    जाम तो पीना बनता ही था

    जाम तो पीना बनता ही था साकी
    पैग जो बनाया उसने अपने होठों से
    - Mohammed Siraj Mansuri