Zamana Shayari In Hindi - ज़माना शायरी

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  • Posted on 22/01/2018

    वो कहते है

    वो कहते है, हर शख्स बदल जाता है...
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    उन्हें लगता है ज़माना उनके जैसा है



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  • Posted on 25/04/2018

    जब तू चलती है

    *** zamana shayari ***

    सुन पगली जब तू चलती है तो ज़माना रूक जाता है,
    लेकिन मैं जब चलता हूं तो ज़माना झुक जाता है



  • Posted on 07/06/2018

    नीम का पेड़

    नीम का पेड़ था बरसात थी और झूला था
    गांव में गुज़रा ज़माना भी ग़ज़ल जैसा था



  • Posted on 05/12/2018

    आशिकी में तेरी

    *** zamana shayari ***

    आशिकी में तेरी बीता, वो फ़साना याद है,
    तेरी उल्फत का मुझे, गुज़रा ज़माना याद है।

    कब मिले, कैसे मिले, कुछ नहीं है याद अब,
    तीर जो दिल पर लगा था वो निशाना याद है।

    मेरे लाख कहने पर भी फ़ोन ना रखना तेरा,
    मेरी ज़िद के चलते तेरा,रूठ जाना याद है।

    कौन लगता हूं मैं तेरा, पूछता है जब ये तू,
    शर्म से मेरा लजाकर, मुस्कुराना याद है।

    क्या ख़बर थी ये"हिना"को,ज़िंदगी बन जाएगा वो,
    मुझको तो बस बेखुदी में, दिल लगाना याद है।



  • Posted on 11/03/2019

    गुज़र गया वो ज़माना

    गुज़र गया वो ज़माना, कहें तो किस से कहें
    बिन देखे तेरी मुस्कान, रहें तो कैसे रहें....
    तेरी आँखों के समंदर में ही लगा लेता था गोते..
    अब इस ठंडे पानी में स्नान करें तो कैसे करें